1
रेल की पटरियों पर
रेलगाड़ियां गुजरती हैं
रह रह कर
गरीबों पर दुख हो जैसे
वें सिर्फ कांप कर रह
जाती हैं
ढोती हैं बड़े बड़े बोझ
सहती है वर्षा- धूप
पड़ी रहती हैं एक जगह
कीलों से बंधी वर्षों- बरस
वे जाने देती है रेलगाड़ियों को
इसलिये नहीं कि वे बंधी है
नही कर सकती है प्रतिरोध
वे जाने देती है
ताकि मिल सके
हम और तुम
2
रेल की पटरियां देखो
तो चली जाती क्षितिज की ओर
नदियों खेतों पहाड़ों को करते
पार
जैसे वे आगे चलकर
पा लेंगी एक दूसरे को
एक दूसरे में हो जायेगी
समाहित
शायद उन्हें खबर नही कि
उनकी भी नियति है
हम जैसी
3
कहते हैं भारत में है
दुनियां का सबसे बड़ा
रेल पटरियों का जाल
जो जुड़ी हैं एक दूसरे से
और मिलाती है लोगो को
पहुंचाती है जरूरी गैर जरूरी
सारे सामान
चलो पता करते है
कितनी सच्चाई है इन में
तुम वहां रखना अपनी
धड़कनों को – एक पटरी पर
मैं लगाऊंगा यहां अपना कान